
रिश्तों में सबसे प्यारी, लगती है दोस्ती।
मजबूत रिश्ते सारे करती है दोस्ती।
जीवन को अर्थ देती, बिन स्वार्थ के सदा
बेदाम प्रेम का दम, भरती है दोस्ती।
जब-जब भी घेरता तम, दिल
के दिये बुझा
तब-तब दिलों
को रोशन करती है दोस्ती।
जब
छोड़ सब सहारे, जाते हैं तोड़ दिल
हर
मोड पर सहारा बनती है दोस्ती।
यदि मित्र साथ हों तो, होती गमों की हार
हर हाल में हरिक गम, हरती है दोस्ती।
मासूम मन चमन का, यह फूल जानिए
पाकर के स्पर्श स्नेहिल, खिलती है दोस्ती।
मित्रों पे कीजिये सदैव नाज़ 'कल्पना'
किस्मत से ज़िंदगी में, मिलती है दोस्ती।
-कल्पना रामानी
